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राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन Rashtriya Swachhta Mission को स्वच्छ भारत अभियान के नाम से भी जाना जाता है | हालाँकि स्वच्छ भारत अभियान या राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन कोई नई चीज नहीं है। इससे पहले भी भारत में स्वच्छता अभियान लागू था | लेकिन तब इसे निर्मल भारत अभियान के नाम से जाना जाता था।

आज हम आपको इस लेख मे केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इसी योजना के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने वाले है ताकि देश के सभी नागरिकों को इस योजना के बारे मे पूरी जानकारी पता चल सके इस लेख मे हम जनेगे कि राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन क्या है ? राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन योजना क्या है।

वर्तमान राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन Rashtriya Swachhta Mission की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री जी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को राजघाट से हुई थी। इस अभियान को भारत के प्रधानमंत्री जी द्वारा 5 वर्षो के लिए लागू किया गया था। इसका लक्ष्य गाँधी जी की 150 वी जन्मतिथि पर देश को स्वच्छ बनाना है ,जोकि गांधी जी का सपना था।

योजना का परिचय

इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना,देश में प्रदूषण को काम करना तथा देश की नदियों को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाना शामिल है। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है , ताकि वो स्वस्थ रहे।

स्वच्छता का स्वास्थ से गहरा सम्बन्ध होता है, और स्वस्थ नागरिक ही उन्नत राष्ट्र का निर्माण कर सकते है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने इस मिशन की शुरुआत की ताकि देश को एक स्वस्थ देश बनाने के साथ साथ एक उन्नत राष्ट्र भी बना सके।

देश को राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की जरूरत क्यों पड़ी

जैसा की आप सब जानते है, कि भारत एक विकासशील देश है , और प्रगति की राह पर अग्रसर है। अगर भारत को इस राह पर बिना रुकावटों के आगे बढ़ना है,तो उसे अपने स्वास्थ सेवाओं के क्षेत्र में सुधर करना होगा।

इस क्षेत्र में सुधार कर इस क्षेत्र में लगने वाले अतिरिक्त पैसो को विकास के क्षेत्र में लगाना होगा। ये संभव हो सकता है केवल स्वच्छता और उससे जुडी आदतों को अपनाकर हम अपनी स्वास्थ सेवाओं में सुधार कर सकते है। आप लोगो को ये जानकर आश्चर्य होगा की भारत में इस अभियान से पहले लगभग 60 प्रतिशत लोग खुले में शौच करते थे। ये बीमारियों को खुला निमंत्रण है।

जिसके कारण गंभीर बीमारियाँ भारत में तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी कारण भारत में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर बहुत अधिक थी | सिर्फ यही नहीं भारत के हर कस्बे,नगर तथा महानगरों में कचरा सड़कों पर युहीं पड़ा रहता है।

जो बिमारियों को पनपने का उत्तम अवसर प्रदान करता है। इसीलिए मैंने स्वच्छता को स्वास्थ सेवाओं पर लगने वाले खर्च को काम करने का साधन बताया था। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे महानगरों में सीवेज की समस्या आज भी है जो विश्व में भारत की छवि को भी ख़राब करता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए ही देश को स्वच्छ भारत अभियान या राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन rashtriya swachhta mission की जरूरत पड़ी।

राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन Rashtriya Swachhta Mission के उद्देश्य

  • इस मिशन का पहला और प्रमुख उद्देश्य देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है।
  • देश में सड़कों पर युहीं कचरा फैला रहता है,जो प्रदूषण और बिमारियों को पनपने में मदद करता है इसे दूर करना। देश में खुले में शौच की समस्या को दूर करने के लिए व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करना।
  • देश में अधिक से अधिक पेड़ लगाना ताकि वायु प्रदूषण और उससे होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके।
  • हाथों से मल एवं सीवेज साफ़ करने की कुप्रथा को दूर करना।
  • देश के नागरिकों की स्वच्छता सम्बन्धी आदतों में सुधार कर इसे जीवन का एक नियमित हिस्सा बनाना।
  • विश्व में भारत की छवि का सुधार करना भी इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य है।

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राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के लाभ

  • इस मिशन का पहला लाभ यही है कि देश में स्वच्छता की वजह से स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं में कमी आएगी।
  • इस अभियान के तहत पेड़ लगाने की वजह से देश के वन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होगी।
  • भारत के महानगरों की जो वर्तमान स्तिथि है वो मानव स्वास्थ के लिए उपयुक्त नहीं है। इस मिशन के बाद इनकी स्तिथि में सुधार होगा।
  • अंत में सबसे बड़ा लाभ यही है कि इस अभियान से देश की छवि विश्व में एक स्वच्छ,सुन्दर और उन्नत राष्ट्र की होगी।

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राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की शाखायें (उप अभियान)

राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन rashtriya swachhta mission के अंतर्गत चलने वाले अभियानों के नाम इस प्रकार है

दरवाजा बंद अभियान
स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण
स्वच्छ भारत अभियान शहरी
स्वच्छ विद्यालय अभियान
ये स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत चलने वाले अभियान है आइये इन पर एक संक्षिप्त नज़र डालते है

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दरवाजा बंद अभियान 

दरवाजा बंद अभियान राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन का ही एक अंग है। 30 मई 2017 को ये शुरू किया गया था। देश भर में खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए इसे शुरू किया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में शौचालय के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए इसे आरंभ किया गया था।  

इसका उद्देश्य लोगों में शौचालय से संबंधित व्यवहार में परिवर्तन लाना है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों सरकार के शौचालय बना के देने के बावजूद उसका प्रयोग नहीं करते है, इन्ही आदतों को बदलने के लिए ये अभियान चलाया गया| इस अभियान के ब्रांड एम्बेसडर अमिताभ बच्चन जी है। ये अभियान राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन का ही एक हिस्सा है।

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स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण

जैसा की आप इसके नाम से समझ सकते हो कि ये अभियान भारत के ग्रामीण इलाक़ो से जुड़ा हुआ है। इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वछता का प्रबंध करना और प्रदूषण को कम करने के लिए वृक्षारोपण करना।

ग्रामों में शौचालयों का निर्माण करना और लोगो को इनके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना। इसके अलावा गावों में कचरा प्रबंधन करना तथा लोगों को इससे जोड़कर रोज़गार मुहय्या कराना है।

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स्वच्छ भारत अभियान शहरी

जैसा कि आप इसके नाम से अंदाजा लगा सकते है कि ये अभियान शहरी इलाकों से जुड़ा है। और शहरों में कचरे का प्रबंधन करना और सड़कों पर फैले कचरे का निदान करना इस अभियान के अंतर्गत आता है | शहरों में सीवेज की समस्या का समाधान करना तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना इस अभियान की प्रमुख बातें है |

स्वच्छ विद्यालय अभियान

स्वच्छ विद्यालय अभियान भारत के विद्यालयों में संचालित होता है। सही मायनों में यह अभियान स्वच्छता अभियान कि प्राणवायु है, क्योंकि इसे बच्चे संचालित करते है , वही देश का भविष्य भी है यानी आने वाले समय में स्वच्छता समाज में एक अहम स्थान हासिल करेगी। जो किसी भी विकसित देश की पहचान होती है।

राष्टीय स्वच्छता मिशन क्या है ? पूरी जानकारी हिन्दी मे

राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन Rashtriya Swachhta Mission के समक्ष चुनौतियाँ : –

लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना इस अभियान की पहली चुनौती है , क्योंकि हमारे देश में आज भी बहुत से लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं है। यहीं वजह है कि भारत में खुले शौच करना एक आम बात है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहाँ लोग शौचालय के प्रयोग पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।

बात अगर शहरी क्षेत्रों की करे तो वहां भी लोगों की मानसिकता में भी ज्यादा फर्क नहीं है। वो कचरा इधर उधर फेंक देते है और शहर को साफ़ रखने का काम नगर पालिका या नगर निगम जैसी संस्थाओ का काम समझते है। लोग स्वच्छता के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को समझे और उन्हें निभाएं यही सबसे बड़ी चुनौती इस अभियान के समक्ष है।

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योजना का समाधान

अब रही बात समाधान की तो लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना ही इसकी पहली समस्या का समाधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय का निर्माण करने के लिए सरकार की सहायता और साथ में शौचालय का प्रयोग करने के लिए लोगो को जागरूक करना।

इसके अलावा लोगों को पेड़ो के महत्व के बारे में बताना और साथ ही पेड़ लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना। साथ ही शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करना की अपने शहर को गन्दा ना करे। यदि इन सब बातों पर अमल किया जाए तो यकीनन ही राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन कामयाब होगा। हमारे देश का एक स्वस्थ एवं उन्नत राष्ट्र बनने का सपना साकार होगा।

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निष्कर्ष

दोस्तों इस लेख मे हमने आपको राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन rashtriya swachhta mission के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी दी है, ताकि देश के सभी लोगों को स्वच्छता के बारे मे पता पता चल सके और वे इस मिशन मे सरकार के सहयोग कर सके।

इस लेख मे हमने आपको बताया है कि राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन क्या है या राष्ट्रीय स्वच्छता योजना क्या है अगर आपको हमारी ये जानकारी पसंद आई है तो आप अपनी राय हमे कमेन्ट बॉक्स मे बता सकते है और इस जानकारी को दूसरे लोगों के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हे भी इसके बारे मे पता चल सके |

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