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देश मे पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ने के कारण प्रकर्ति का संतुलन खराब होता जा रहा है।  जिसके कारण दुनिया मे ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़ , सूखा, आंधी तूफान , भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओ की घटना लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है। 

 जिसके कारण मानव जीवन भी काफी प्रभावित हो रहा है। ऐसे मे इस प्रकार की आपदाओ को कम करने के लिए अभी सिर्फ एक ही उपाय है।  वो ही पेड़ पौधों की संख्या बढ़ाना

इसी को लेकर राजस्थान सरकार ने अपने राज्य मे के नई योजना की शुरुआत की है, ताकि इस प्रकार कि घटना से बचा जा सके। इस लेख मे हम आपको इसी योजना के बारे मे विस्तार से जानकारी देने वाले है कि अगर आप राजस्थान के निवासी है तो आपको इस योजना के बारे मे जरूर पता होना चाहिए इस लेख मे हम आपको बताने वाले है कि 

Ghar Ghar Aushadhi Yojana 2023

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 72 वें वन महोत्सव का शुभारंभ करते घर-घर औषधि योजना’ की शुरुआत की। इस योजना को राजस्थान के मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कन्फरेंसिनग के जरिए लांच किया गया है। 

इस योजना को शुरू करने के साथ ही राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है।  जिसने कोरोना काल मे ही अपने राज्य के हर घर मे औषधीय पौधों को पहुंचाने की शुरुआत की है। इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचने के लिए सरकार ने 210 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है । 

योजना का उदेश्य 

मुख्यमंत्री का कहना है कि पेड़-पौधे लगाकर उनकी देखभाल करना हमारे धर्मशास्त्रों में भी है। इस शुभ काम को करके हम अपनी आने वाली नस्लों को सुंदर उपहार प्रदान करेंगे जिससे उन्हे ऑक्सीजन मिलेगी। 

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि इम्यूनिटी और आयुर्वेद को  बढ़ाने के लिए चार औषधीय पौधों तुलसी, गिलोय, कालमेघ और अश्वगंधा का वृक्षारोपण करके इनकी देखभाल जरूर करे ताकि ये बड़े होकर आपको और आपकी आने वाली पीढ़ी को फायदा पहुचा सके। 

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करोना काल मे इम्यूनिटी और रोग प्रतिरोधक क्षमता  बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा आयुर्वेदिक औषधि का इस्तेमाल किया गया है। 

5 वर्ष मे बांटे जाने वाले पौधे 

घर घर औषधि योजना के तहत राजस्थान सरकार अगर 5 वर्ष मे अपने राज्य के तकरीबन 1.26 करोड़ परिवारों को तीन बार मे 8 – 8 पौधे  वृक्षारोपण के लिए बाटेंगी। यानि कि एक परिवार के हिस्से मे 24 पौधे आएंगे। इस हिसाब से 5 वर्ष मे लगभग 10 करोड़ 80 लाख पौधे बांटे जाएंगे।  

राजस्थान वन विभाग की  प्रमुख सचिव श्रेया गुहा ने बताया है कि राज्य के नागरिकों को 

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प्रकर्ति के प्रति जुड़ाव स्थापित करने एवं उनके स्वास्थ्य को ध्यान मे रखते हुए आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे लोग कम बजट मे अपनी बीमारियों को दूर कर सके। 

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